फोर्क्लोरफेनुरॉन एक फेनिल्यूरिया पौधा विकास नियामक है जो कोशिका विभाजन को बढ़ावा देकर और प्रकाश संश्लेषक दक्षता में सुधार करके उपज बढ़ाता है, जबकि मिठास बढ़ाने और रंग को बढ़ावा देने सहित फलों की गुणवत्ता में भी सुधार करता है।
क्रिया का तंत्र
फोरक्लोरफेनुरॉन मीठा करना: फोरक्लोरफेनुरॉन प्रकाश संश्लेषण की दर को बढ़ाता है, कार्बोहाइड्रेट संश्लेषण और परिवहन को बढ़ावा देता है, जिससे फल में चीनी की मात्रा बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, जब खरबूजे पर इसका उपयोग किया जाता है, तो यह फल की घुलनशील ठोस सामग्री (यानी मिठास) को काफी बढ़ा सकता है।
फोरक्लोरफेनुरॉन रंग: पोषक तत्वों के वितरण को विनियमित करने और क्लोरोफिल संश्लेषण को बढ़ावा देकर, क्लोरफेनुरॉन फलों के रंग की एकरूपता में सुधार कर सकता है। चेरी जैसे फलों पर, फूल आने के दो सप्ताह बाद छिड़काव करने से रंग को बढ़ावा मिल सकता है।
प्रयोग के तरीके और सावधानियां
लागू फसलें: अंगूर, खरबूजे, तरबूज, सेब और चेरी जैसी फसलों पर व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।